रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के लिए प्रसिद्ध सवाई माधोपुर राजस्थान का प्रमुख शहर है। यह जिला रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान के लिए जाना जाता है, जो बाघों के लिए प्रसिद्ध है। यह उद्यान देश के बेहतरीन बाघ आरक्षित क्षेत्रों में से एक है। 1981 में इसे राष्ट्रीय उद्यानका दर्जा मिला। 392 वर्ग किलोमीटर में फैला यह उद्यान अरावली और विंध्य की पहाड़ियों में फैला है। यहाँ स्थित तीन झीलों के पास इन बाघों के दिखाई देने की अधिक संभावना रहती है। बाघ के अलावा यहाँ चीते भी रहते हैं। यह चीते उद्यान के बाहरी हिस्से में अधिक पाए जाते हैं। इन्हें देखने के लिए कचीदा घाटी सबसे उपयुक्त जगह है। बाघ और चीतों के अलावा सांभर, चीतल, जंगली सूअर, चिंकारा, हिरन, सियार, तेंदुए, जंगली बिल्ली और लोमड़ीभी पाई जाती है।
सवाई माधोपुर जिले का रणथंभोर दुर्ग भारत के महत्वपूर्ण दुर्गों में से एक है। यह दुर्ग सघन जंगलों और सात पहाड़ियों के बीच चंबल नदी एवं बनास नदी से घिरा हुआ अभेद्य दुर्ग है। अरावली पर्वत श़ृंखला एवं विन्ध्याचल पर्वत श़ृंखला के मिलान बिंदु पर बना हुआ रणथम्भौर दुर्ग विश्व विरासत शामिल है।


