नारायणी माता का मंदिर बरवा डूंगरी राजगढ़ क्षेत्र मे आता है यहा माता के मंदिर के समक्ष एक पानी का कुंड है जिसमे से पानी की पवित्र धारा निकलती है ये मंदिर भानगढ़ फोर्ट से 10 किलोमीटर राजगढ़ रोड पर् तहला तलाव की तरफ है
माना जाता है की ये स्थान नारायणी माता के अपने पति के सर्प के द्वारा काट लेने के बाद मृत्यु हि जाने के पश्चात माता अपने पति के साथ चिताह मे सती हो गयी ओर वहा स्थित ग्वालो ने माता से जंगल।मे पानी की।कमी थी उसके लिए पानी की मांग की थी तबी माता की चितः मे से आवाज आयी था की मेरी चिताह मे से एक जलती हुई लकड़ी लेकर भाग जाना ओर पीछे मुड़कर मत देखना तुम जहा तक जाओगे वहा तक पानी की दगार तुम्हारे पीछे पीछे चली आएगी माता के कहे अनुसार ग्वाला माता की चिताह मे से जलती हुई लकड़ी लेकर लगभग 3 किलोमीटर तक भगा ओर पीछे मुड़कर देख गया जिस करना पानी की पवित्र धारा वही रुक गयी
जो आज भी बहती रहती है