My Personal Experience of Visiting Kumbh Mela in Prayagraj

आध्यातिमक समागम।
प्रयागराज( इलहाबाद) में ‘कुम्भ’ कानों में पड़ते ही गंगा, यमुना एवं सरस्वती का पावन सुरम्य त्रिवेणी संगम मानसिक पटल पर चमक उठता है। कुम्भ हमेशा से कौतूहलता का विषय रहा है। यहाँ जन सैलाब का हुजूम, मान्यताओं का भंडार, और पौरणिक किवदन्तियां। विदेशी लोगो का जत्था भी कुम्भ के लिए आता जाता रहता है। यहाँ आप गौण हो जाते है। पता नही कितने पापों को धोया पर संगम की डुबकी स्फूर्ति जरूर देती है।

श्री अखाड़ो के शाही स्नान से लेकर सन्त पंडालों में धार्मिक मंत्रोच्चार, ऋषियों द्वारा सत्य, ज्ञान एवं तत्वमिमांसा के उद्गार, मुग्धकारी संगीत, नादो का समवेत अनहद नाद, संगम में डुबकी से आप्लावित हृदय एवं अनेक देवस्थानो के दिव्य दर्शन प्रयागराज कुम्भ की महिमा का प्रदर्शन होता है।

2 Likes