आध्यातिमक समागम।
प्रयागराज( इलहाबाद) में ‘कुम्भ’ कानों में पड़ते ही गंगा, यमुना एवं सरस्वती का पावन सुरम्य त्रिवेणी संगम मानसिक पटल पर चमक उठता है। कुम्भ हमेशा से कौतूहलता का विषय रहा है। यहाँ जन सैलाब का हुजूम, मान्यताओं का भंडार, और पौरणिक किवदन्तियां। विदेशी लोगो का जत्था भी कुम्भ के लिए आता जाता रहता है। यहाँ आप गौण हो जाते है। पता नही कितने पापों को धोया पर संगम की डुबकी स्फूर्ति जरूर देती है।
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