Sri Ganganagar

श्रीगंगानगर जिले को बसाने का श्रेय बीकानेर के महाराजा गंगासिंह को जाता है। उन्हीं के नाम पर जिले का नाम गंगानगर रखा गया और बाद में उन्हें सम्मान देने के लिए आगे श्री लगा दिया गया। पंजाब के तत्कालीन महाराजा से संधि कर वे श्रीगंगानगर तक बीकानेर नहर लेकर आये थे। इसे बीकानेर कैनाल कहा जाता था। महाराजा गंगासिंह की मृत्यु के उपरांत इस नहर का नाम भी गंगनहर रख दिया गया।
बीकानेर रियासत के राजा गंगासिंह की दूरदर्शी सोच के कारण ही राजस्थान के मरूस्थली इलाके में भी यह जिला हराभरा है। यहां पर मुख्य गेहूं, सरसों और नरमा-कपास की फसल होती है। मूंग की फसल का भी यहां के किसान उत्पादन करने लगे हैं। हनुमानगढ़ जिला भी पहले श्रीगंगानगर का ही हिस्सा था किंतु अब उसको अलग जिला बना दिया गया है। श्रीगंगानगर पाकिस्तान की सीमा पर बसा हुआ है। लगभग अढ़ाई सौ किमी इस जिले की सीमा पड़ोसी देश से लगती है। इसके बाईं ओर पंजाब है।
श्रीगंगानगर पंजाबी बाहुल्य है। इस कारण यहां के रेस्टोरेंट में भी पंजाबी खाना ही ज्यादा मिलता है। यहां के मुख्य रेस्त्रां पैगोडा होटल, मूनलाइट होटल, महाराजा होटल, साहिल होटल हैं। इसके अतिरिक्त चंद्रलोक वैष्णो ढाबा तथा अन्नपूर्णा वैष्णो ढाबा भी प्रसिद्ध हैं।
ठहरने के लिए यहां पर अनेक तरह के होटल्स हैं। इनमें साहिल, मूलाइट, पैगोडा, पैगाडा इन, महाराजा, स्टार इन, बिलिव इन तथा बॉम्बे होटल मुख्य हैं। यह शहर के बीचों बीच गोल बाजार के आसपास ही स्थित हैं। यहां से बस स्टैण्ड व रेलवे स्टेशन भी नजदीक हैं। पैदल आने वाला यात्री भी नजदीक ही के होटल में ठहर सकता है।
पर्यटन के रूप में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसा गांव हिन्दुमलकोट है। यहां बॉर्डर पर रोजाना ही सैकड़ों लोग आते हैं। पहले यह गांव एक कस्बा था। कराची से लेकर दिल्ली तक रेलवे लाइन थी। यह भटिण्डा से पहले मुख्य जंक्शन था। कराची-दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेन इसी मार्ग से ही गुजरती थी। उस समय यहां चने की बड़ी मंडी हुआ करती थी। विभाजन के बाद यह मंडी उजड़ गयी और अब पुराने लोग ही यहां रह रहे हैं।
वहीं मूक-बधिर बच्चों के लिए स्वामी ब्रह्मदेव की ओर से स्थापित किये गये अंध विद्यालय में समाज कल्याण और अध्यात्म पर्यटन के रूप में बहुत कुछ सीखने और जानने को मिल जाता है। स्वामी जी स्वयं मां दुर्गा के बहुत बड़े उपासक हैं। इनकी राजनीति में भी अच्छी अप्रोच र्है। पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव और वर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तक इनकी सीधी मुलाकात रही है। उनके विद्यालय में आंखों के रोजाना फ्री कैम्प लगाये जाते हैं। आंखों के इलाज के लिए यह स्थान उत्तर भारत में अपनी पहचान बना रहा है। इसके अतिरिक्त अनूपगढ़ में लैला मजनूं की मजार है, जहां हर साल मेला लगता है।

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Hi @sandhyadeep

Welcome to Connect Community.

Thanks for sharing information about Ganganagar. Great to know about the history.

Happy Mapping !!

Vijay Desai.

Its nice information. Keep it up.